बेजुबानों वन्य प्राणियों के लिए जीवनदायी पेयजल व्यवस्था
सारंगढ़ बिलाईगढ़, 17 अप्रैल 2025/वन विभाग के द्वारा जिले के गोमरडा अभयारण्य के सारंगढ़ और बरमकेला रेंज में वन्य प्राणियों के प्यास बुझाने के लिए 50 सासर (एक कांक्रीट स्थल) में टैंकर से जल उपलब्ध कराया जा रहा है। वन प्रबंधन का यह पेयजल व्यवस्था बेजुबानों वन्य प्राणियों के लिए जीवनदायी साबित हो रहा है। यह जल स्रोत वन्यजीवों के लिए एक महत्वपूर्ण आश्रय बन गया है, जहां वे बिना किसी खतरे के अपनी प्यास बुझा सकते हैं।जंगल में जल संकट हमेशा से ही एक गंभीर समस्या रहा है, खासकर गर्मियों के दौरान जब पानी के स्रोत सूख जाते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए वन विभाग ने सासर जलस्रोत का निर्माण किया, जो अब वन्य प्राणियों के लिए एक महत्वपूर्ण जल स्रोत बन गया है। इस प्रयास से न केवल बाइसन बल्कि अन्य वन्य प्राणियों जैसे बाघ, तेंदुआ, चीतल भी लाभान्वित हो रहे हैं। उन्हें अब प्यास बुझाने के लिए जंगल के बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे उनकी सुरक्षा भी बनी रहती है। सीमेट से बने इस सासर की खास निगरानी होती है। हर एक सासर का एक प्रभारी नियुक्त किया गया है। टैंकर व वाहन में पानी टंकी रखकर भरता है। व्यवस्था इस प्रकार बनाई गई है कि थोड़ा भी पानी खाली होता है, तत्काल इसकी सूचना प्रभारी के द्वारा दिया जाता है। इसके बाद वन अमला तत्काल पानी भरने के लिए पहुंच जाता है। सासर जल स्रोत के निर्माण से वन्य प्राणियों के जीवन में पेयजल संकट का निवारण हुआ है। यह एक स्थायी समाधान है, जो न केवल प्यास बुझाता है बल्कि वन्यजीवों के संरक्षण में भी मदद करता है। इस पहल से न केवल वन्य प्राणियों को राहत मिली है, बल्कि यह भी साबित होता है कि प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखते हुए हम वन्यजीवों के जीवन को बेहतर बना सकते हैं।
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- घनश्याम साहू खबर 247 एक्सप्रेस सारंगढ़26 जुलाई 2026 - July 26, 2026
- कोशिर छोटे में धूमधाम से रथ यात्रा मनाई गई — 👇
— घनश्याम साहू khabr 24X7 express
*कोशिर छोटे में धूमधाम से मनाई गई रथ यात्रा, जयकारों से गूंजा पूरा क्षेत्र*
*Kosir,chhote Chhattisgarh*
कोशिर में बुधवार को भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाई गई। सुबह से ही मंदिर परिसर भक्तों की भीड़ से भर गया था।
पारंपरिक वाद्य यंत्रों, ढोल-नगाड़ों और भजन कीर्तन के साथ भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा जी की मूर्तियों को रथ में विराजमान कर नगर भ्रमण कराया गया। रास्ते भर भक्तों ने “जय जगन्नाथ” के जयकारे लगाए और फूल बरसाए।
यात्रा में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सभी शामिल हुए। जगह-जगह प्रसाद वितरण और ठंडे पानी की व्यवस्था की गई थी। प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे ताकि यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी रथ यात्रा में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पूरे दिन माहौल भक्तिमय बना रहा।
— - July 16, 2026
