कृषि विभाग द्वारा रासायनिक खाद की गुणवत्ता परखने के बताए गए तरीके
सक्ती, 17 अप्रैल 2025 // जिले में अच्छी पैदावार लेने के लिए किसान डीएपी, यूरिया आदि उर्वरक का उपयोग करते है। निर्धारित मात्रा से अधिक इस्तेमाल करने के बाद भी अपेक्षा के अनुरूप पैदावार नहीं मिलती इसके पीछे सबसे बड़ा कारण नकली खाद होता है। आज के इस मिलावट खोरी के दौर में किसान इसके चक्कर में अक्सर पड़ जाते है। पूरी कीमत देकर नकली खाद को अपनी फसल में डालते है। इसके कारण सही परिणाम नही मिल पाता ऐसे मे किसानों को असली और नकली खाद की पहचान करना जरूरी होता है। किसानों के हित में कृषि विभाग द्वारा घर बैठे असली और नकली खाद की पहचान के तरीके बताये जिसका प्रयोग करके किसान नकली खाद के उपयोग से बच सकेंगे।
खरीफ सीजन के पहले शासन प्रशासन किसानों के लिए रासायनिक खाद की पर्याप्त भण्डारण की तैयारी में है। बारिश होने के बाद अचानक खाद की मांग बढ़ने से किसानों को एक साथ खाद की आपूर्ति नहीं हो पाती है। ऐसे में किसान बाजार से खाद खरीदते है। खास बात यह है कि खाद की बढ़ती मांग का फायदा मिलावट करने वाले भी उठाते है और किसानों से असली खाद की कीमत पर नकली खाद थमा देते है। इससे किसानों को चौतरफा नुकशान उठाना पड़ता है। नकली खाद के उपयोग से फसल उत्पादन प्रभावित होता है, परेशानी और अधिक खर्च होता है वो अलग। इसको ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग द्वारा किसानों को असली और नकली खाद की पहचान करने का आसान तरीका बताया गया है। इस पहल से किसान घर बैठे चंद मिनटो में यह पता लगा सकेंगे कि कौन सी खाद असली और कौन सी खाद नकली है l ध्यान रखे कि गर्म करने पर डीएपी व अन्य काम्प्लेक्स के दाने फुल जाते है जबकि सुपर फास्फेट के नही है। इस प्रकार इसकी मिलावट की पहचान आसानी से की जा सकती है।
*ऐसे करें रासायनिक खाद की पहचान*
*डीएपी -* इसके कुछ दानों को हाथ में लेकर तंबाकू की तरह उसमें चूना मिलाकर मलें। अगर उसमें से तेज गंध निकले जिसे सूंघना मुश्किल हो जाये तो समझें कि ये डीएपी असली है। एक दूसरी विधि भी है। डीएपी के कुछ दाने धीमी आंच पर तवे पर गर्म करें, यदि ये दाने फुल जाते है तो समझ ले यही असली डीएपी है। नाखूनों से तोड़ने पर यह आसानी से नहीं टूटेगा।
*यूरिया -* असली यूरिया घुलनसील होता है। इसके घोल को छूने पर ठंडा महसूस होता है। उधर नकली यूरिया खाद के दानों को तवे पर गर्म करके देखें, यदि इसके दानें पिघलें नही तो समझ लीजिए, यह यूरिया खाद नकली है।
*सुपर फास्फेट -* इसके कुछ दानों को तवा में गर्म करे अगर ये नही फुलते है तो समझ ले यही असली सुपर फास्फेट है। सुपर फास्फेट नाखूनों से न टूटने वाला उर्वरक है।
*पोटाश-* नकली पोटाश की पहचान के लिए उसके दानों पर पानी की कुछ बूंदे डालने के बाद ये आपस में चिपक जाएं तो समझ ले कि ये नकली पोटाश है। पोटाश पानी में घुलने पर इसका लाल भाग पानी में तैरता रहता है।
*जिंक सल्फेट-* अगर जिंक सल्फेट के घोल में पतली कास्टिक का घोल मिलाने पर सफेद मटमैला मांड जैसा अवशेष बनता है। अगर इसमें गाड़ा कास्टिक का घोल मिला दे तो वे अवशेष पूरी तरह से घुल जाती है।
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- कोशिर छोटे में धूमधाम से रथ यात्रा मनाई गई — 👇
— घनश्याम साहू khabr 24X7 express
*कोशिर छोटे में धूमधाम से मनाई गई रथ यात्रा, जयकारों से गूंजा पूरा क्षेत्र*
*Kosir,chhote Chhattisgarh*
कोशिर में बुधवार को भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाई गई। सुबह से ही मंदिर परिसर भक्तों की भीड़ से भर गया था।
पारंपरिक वाद्य यंत्रों, ढोल-नगाड़ों और भजन कीर्तन के साथ भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा जी की मूर्तियों को रथ में विराजमान कर नगर भ्रमण कराया गया। रास्ते भर भक्तों ने “जय जगन्नाथ” के जयकारे लगाए और फूल बरसाए।
यात्रा में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सभी शामिल हुए। जगह-जगह प्रसाद वितरण और ठंडे पानी की व्यवस्था की गई थी। प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे ताकि यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी रथ यात्रा में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पूरे दिन माहौल भक्तिमय बना रहा।
— - July 16, 2026
